UP NEWSसाइबर ठगी के शिकार युवक को 5.58 लाख रुपये वापस कराते बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिसकर्मी।

बरेली। ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए मेरठ के एक युवक के लिए बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस राहत लेकर आई। युवक से ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से 7.85 लाख रुपये हड़प लिए थे। शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस ने रकम के लेनदेन की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। बैंक और साइबर पोर्टल के जरिए मनी ट्रेल का पीछा करते हुए पुलिस ने 5.58 लाख रुपये ट्रेस कर वापस पीड़ित के खाते में पहुंचा दिए। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।

मेरठ के शेरगढ़ी, शास्त्रीनगर निवासी विकास कुमार ने सात सितंबर 2026 को बरेली साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन माध्यम से उनके साथ 7.85 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

रकम कहां गई, पुलिस ने तलाशा सुराग

मुकदमा दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने ठगी की रकम के लेनदेन की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने गृह मंत्रालय की ओर से संचालित साइबर पोर्टल 14सी के साथ ही संबंधित बैंक और अन्य एजेंसियों से संपर्क किया। इसके बाद रकम किस खाते में पहुंची और वहां से कहां ट्रांसफर हुई, इसकी कड़ियां जोड़ी गईं। साइबर पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए ठगी की रकम का मनी ट्रेल खंगाला। लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई शुरू की। इसी कार्रवाई के तहत 5.58 लाख रुपये वापस पीड़ित के खाते में रिवर्स करा दिए गए। पुलिस की कार्रवाई से ठगी की बड़ी रकम पीड़ित के हाथ से पूरी तरह निकलने से बच गई।

साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 पर करें कॉल

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। अगर ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने या इंतजार करने के बजाय तत्काल 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के मुताबिक, ठगी के तुरंत बाद शिकायत मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की कार्रवाई की जा सकती है। साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता सबसे जरूरी है।

इन पुलिसकर्मियों ने संभाली कार्रवाई

रकम वापस कराने वाली साइबर पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक सौरव तोमर और हेड कांस्टेबल विलिश कुमार शामिल रहे। पुलिस ने मामले में आगे की विधिक कार्रवाई भी जारी रखी है।

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