बरेली। सिविल लाइंस स्थित कुलदीप अस्पताल में मंगलवार शाम नवजात के इलाज को लेकर हंगामा हो गया। बच्चे के मुंह से खून आने पर परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चे की हालत का वीडियो बनाने लगे तो स्टाफ ने मारपीट की। विवाद बढ़ने पर अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र के महाराज नगर निवासी मोहित सैनी की पत्नी ने आठ दिन पहले बच्चे को जन्म दिया था। नवजात को 30 सितंबर को कुलदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, बच्चा वेंटिलेटर पर है। मंगलवार शाम उसकी हालत देखने के बाद परिवार ने इलाज पर सवाल उठाए। इसके बाद अस्पताल में विवाद शुरू हो गया।
दोपहर में ठीक दिखा, शाम को मुंह से खून
नवजात के मामा विकास बाबू ने बताया कि वह मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बच्चे को देखने गए थे। उस समय बच्चा उन्हें ठीक लगा। शाम को दोबारा पहुंचे तो उसके मुंह से खून आ रहा था। यह देखकर परिजन परेशान हो गए। उन्होंने अस्पताल में विरोध जताया और बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने की बात कही। परिवार ने दोपहर और शाम की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। विकास बाबू के मुताबिक, परिजन बच्चे की हालत का वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान अस्पताल के स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की। परिवार का कहना है कि बच्चे की हालत को लेकर उनकी परेशानी पहले ही बढ़ी हुई थी, ऊपर से विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इन आरोपों के बाद अस्पताल में हंगामा बढ़ गया। मामला नवजात के इलाज से आगे बढ़कर परिजनों और स्टाफ के बीच विवाद तक पहुंच गया।
विवाद बढ़ा तो पहुंची भारी पुलिस फोर्स
अस्पताल में हंगामे और विवाद के बीच भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। परिजन इलाज में लापरवाही और मारपीट के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से किसी शिकायत, मुकदमे या कार्रवाई का विवरण अभी सामने नहीं आया है। परिजनों का कहना है कि नवजात की मौत हो चुकी है, लेकिन अस्पताल ने उसे वेंटिलेटर पर रखा हुआ है। बच्चे की मौत की चिकित्सकीय पुष्टि अभी नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का जवाब भी सामने नहीं आया है। नवजात की हालत क्या है, मुंह से खून क्यों आया और परिजनों के साथ मारपीट हुई या नहीं, इन सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।