चंदौली। नए साल के जश्न के बीच उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक ऐसी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। पतंग लूटने की मासूम सी जिद एक 11 वर्षीय बच्चे को मौत के बेहद करीब ले गई, लेकिन किस्मत ने ऐसा साथ दिया कि तेज रफ्तार मालगाड़ी के करीब 40 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर जाने के बावजूद उसके शरीर पर एक खरोंच तक नहीं आई। इस घटना को लोग चमत्कार मान रहे हैं।
यह घटना चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र के कस्बा इलाके की है। जानकारी के अनुसार, 11 वर्षीय शिव केसरी पतंग लूटते हुए सैयदराजा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की डाउन रेलवे लाइन तक पहुंच गया। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी ट्रैक पर आ गई। ट्रेन को बेहद पास आता देख बच्चा घबरा गया और जान बचाने के लिए पटरी के बीच लेट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मालगाड़ी के लगभग 40 डिब्बे बच्चे के ऊपर से गुजर गए। आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और सभी को लगा कि अब कुछ नहीं बचा। लेकिन जब ट्रेन गुजरने के बाद बच्चा सुरक्षित खड़ा हुआ, तो मौके पर मौजूद हर व्यक्ति दंग रह गया। लोगों ने इसे ईश्वर का चमत्कार बताते हुए कहा—“जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।”
घटना के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। हालांकि इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पतंग लूटने गए एक बड़े बच्चे द्वारा शिव की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है, लेकिन यह एक गंभीर चेतावनी भी है। रेलवे ट्रैक जैसे खतरनाक स्थानों पर बच्चों का जाना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें ऐसे जोखिम भरे इलाकों से दूर रखें।
एक छोटी सी जिद और पल भर की लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है। चंदौली की यह घटना जहां एक ओर राहत और चमत्कार की कहानी है, वहीं दूसरी ओर यह समाज के लिए एक सख्त सबक भी है।