बरेली। शाही के अमौर मेले में रविवार रात महिला डांसरों के नृत्य को लेकर उठा विवाद मारपीट तक पहुंच गया। दरोगा और मेला कमेटी अध्यक्ष के बीच थप्पड़ चलने के बाद ग्रामीण भड़क गए। सोमवार तड़के थाने का घेराव किया और फिर सड़क पर ट्रॉली खड़ी कर यातायात रोक दिया।
अमौर मेले में कमेटी के लोग महिला डांसरों का नृत्य कराने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहे थे। इसी दौरान दरोगा और मेला कमेटी अध्यक्ष के बीच विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। मेले में हुए इस विवाद की नाराजगी अगले दिन सुबह थाने और सड़क पर भी दिखाई दी।
पहले दरोगा ने मारा थप्पड़, अध्यक्ष ने भी दिया जवाब
आरोप है कि विवाद के दौरान दरोगा ने मेला कमेटी अध्यक्ष को थप्पड़ मार दिया। इस पर अध्यक्ष ने भी पलटकर दरोगा को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिसकर्मी और अध्यक्ष के बीच मारपीट से ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। कुछ लोगों ने दरोगा के ड्यूटी के दौरान नशे में होने का आरोप भी लगाया। हालांकि, नशे में होने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। रात की घटना के विरोध में सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे ग्रामीण शाही थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मेला कमेटी अध्यक्ष के साथ हुई मारपीट पर नाराजगी जताई। थाने पर विरोध जताने के बाद लोगों ने मुख्य बस अड्डे तिराहे का रुख किया और वहां रास्ता रोक दिया।
तिराहे पर खड़ी की ट्रॉली, एक घंटे थमा यातायात
प्रदर्शनकारियों ने शाही के मुख्य बस अड्डे तिराहे पर ट्रॉली तिरछी खड़ी कर दी। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई। ग्रामीण सड़क पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। मेले में दो लोगों के बीच शुरू हुए विवाद का असर सुबह सड़क से गुजरने वाले लोगों पर भी पड़ा। पुलिस ने नाराज ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद जाम खुल सका और यातायात शुरू हुआ। कुछ देर बाद जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों का पक्ष रखा और उनकी मांगों का समर्थन किया। घटना को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है।