बरेली। लंबे समय से कोर्ट की तारीख और पुलिस की पकड़ से बच रहे वारंटियों पर शाही पुलिस ने रविवार को शिकंजा कस दिया। अलग-अलग मामलों में वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने गांव-गांव दबिश देकर दो महिलाओं समेत 11 वारंटियों को गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस धरपकड़ से इलाके में खलबली मच गई। पकड़े गए सभी वारंटियों को पुलिस ने रविवार को ही न्यायालय के सामने पेश कर दिया।
शाही पुलिस ने 4 अक्तूबर को वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने उनके ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान संग्रामपुर से पप्पू, दुनका से राहुल गुप्ता, बहादुरपुर से रामधुन और सहोड़ा से अयोध्या प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई दूसरे गांवों में भी जारी रही।
सेवाज्वालापुर से म्यूड़ी बुजुर्ग तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सेवाज्वालापुर निवासी भूरेलाल और नरेली निवासी टेकचंद को पकड़ा। बुझिया जागीर के ओमप्रकाश और सिहोर के कल्याण भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। म्यूड़ी बुजुर्ग निवासी सन्ना खां को भी गिरफ्तार किया गया। एक के बाद एक हुई गिरफ्तारियों के बाद पकड़े गए पुरुष वारंटियों की संख्या नौ हो गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस आनंदपुर गांव भी पहुंची। यहां से नन्ही देवी और तारावती को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ भी न्यायालय से वारंट जारी था। इस तरह एक ही दिन में पुलिस ने कुल 11 वारंटियों को पकड़ लिया, जिनमें नौ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
थाने से सीधे कोर्ट ले जाए गए सभी वारंटी
गिरफ्तारी के बाद सभी को शाही थाने लाया गया, जहां जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पुलिस ने सभी 11 वारंटियों को न्यायालय में पेश कर दिया। एक ही दिन में अलग-अलग गांवों से इतनी बड़ी संख्या में वारंटियों की गिरफ्तारी को शाही क्षेत्र में हाल के दिनों की बड़ी धरपकड़ माना जा रहा है। पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, जिनके खिलाफ अदालत से वारंट जारी हैं लेकिन वे अब तक पेश नहीं हुए हैं। शाही क्षेत्र के गांवों में वारंटियों की तलाश और दबिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।