बरेली। शैक्षणिक संस्थानों के भवनों के नक्शे पास कराने में आ रही दिक्कतों को दूर करने और लंबित मामलों का समय से निस्तारण करने के लिए बीडीए ने पहल की है। गुरुवार को बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय की अध्यक्षता में विकास संवाद आयोजित किया गया। इसमें रोहिलखंड विश्वविद्यालय, डीपीएस बरेली और फ्यूचर यूनिवर्सिटी समेत करीब पांच प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति, कंपाउंडिंग और भू-उपयोग रिपोर्ट से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया।
ऑनलाइन नक्शे और भू-उपयोग रिपोर्ट की अड़चनें उठाईं
बैठक में संस्थानों के प्रतिनिधियों ने मानचित्र स्वीकृति की ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत कराया। कंपाउंडिंग मानचित्र पास कराने और भू-उपयोग रिपोर्ट प्राप्त करने में आ रही परेशानियों पर भी चर्चा हुई। बीडीए अधिकारियों ने प्रक्रियाओं और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देते हुए कहा कि आवेदन सभी निर्धारित दस्तावेजों के साथ पूरे होने चाहिए, जिससे उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।
अग्निशमन एनओसी से लेकर एसटीपी तक पर चर्चा
शैक्षणिक भवनों के निर्माण और संचालन से जुड़े जरूरी मानकों पर भी मंथन किया गया। इसमें अग्निशमन विभाग की एनओसी, एसटीपी, डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता की व्यवस्था और अन्य वैधानिक मानकों के पालन पर चर्चा हुई। इसके साथ ही भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं को भी प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के सामने रखा।
संवाद से दूर होंगी मानचित्र स्वीकृति की समस्याएं
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि प्राधिकरण और शैक्षणिक संस्थानों के बीच लगातार संवाद और बेहतर समन्वय जरूरी है। विकास संवाद का उद्देश्य संस्थानों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करना और मानचित्र स्वीकृति समेत नियोजन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। बैठक में संस्थानों की ओर से दिए गए सुझावों पर भी चर्चा की गई।