bareillyरोहिलखंड विश्वविद्यालय में दीप प्रज्वलित कर हिंदी पखवाड़े के कवि सम्मेलन

कविता और शायरी से सजी शाम

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े के तहत शनिवार को पुरस्कार वितरण एवं कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। प्रो. एस.वी. सिंह मेमोरियल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कवियों ने हिंदी, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

‘बेटियां गुलाब होती हैं’ ने भावविभोर किया

दिल्ली की कवयित्री प्रीति त्रिपाठी ने ‘बेटियां गुलाब होती हैं…’ रचना सुनाकर बेटियों के सपनों, संघर्ष और संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा। उनकी पंक्तियों ने सभागार में मौजूद श्रोताओं को भावुक कर दिया। प्रमुख कवि अखिलेश प्रताप सिंह ने ‘परिंदों की तरह उड़ने की ख्वाहिश में जमीन से कट जाते हैं’ जैसी पंक्तियों से जीवन की विडंबनाओं को स्वर दिया।

शायरी में दिखे सामाजिक सरोकार

गजलकार आलोक यादव ने राम, मारीच और मौला के संदर्भों के जरिए अपनी शायरी में सामाजिक पीड़ा और मानवीय संवेदना को उभारा। कवयित्री सिया सचदेव ने ‘ये तो अच्छा है कि बेरंग हैं आंसू…’ जैसी पंक्तियों से महफिल को भावपूर्ण बनाया। युवा कवि उज्जवल ने ‘तारों को गिरते देख लिया, आसमान से लगने लगा है डर हमें ऊंची उड़ान से’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।

‘कविता जी जाती है, लिखी नहीं जाती’

सारस्वत अतिथि प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी ने कहा कि ‘कविता जी जाती है, लिखी नहीं जाती।’ कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव ने रोजमर्रा के जीवन में हिंदी के प्रयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. आशुतोष प्रिय ने हिंदी को राष्ट्र का गौरव बताया। कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. अवनीश यादव ने किया।

प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रीति यादव ने निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया। समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय और प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। समापन पर कुलपति ने हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को एक-दूसरे का पूरक बताया।

शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद

समारोह में कुलसचिव महेंद्र कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि द्विवेदी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *