बदायूं। दातागंज में करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह से नाराज होकर युवती की बेरहमी से हत्या करने के चर्चित मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतका अर्चना के पिता चंद्रपाल, उनके हमशक्ल जुड़वा भाई कुंवरपाल और दो अन्य आरोपियों रवित कुमार व पुष्पेंद्र को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
हमशक्ल जुड़वा भाइयों की इकलौती बेटी थी अर्चना
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पलिया गूजर निवासी चंद्रपाल और कुंवरपाल हमशक्ल जुड़वा भाई हैं। दोनों की शक्ल-सूरत इतनी मिलती है कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल होता है। दोनों भाइयों का पारिवारिक जीवन भी असामान्य रहा। बताया जाता है कि दोनों की एक ही पत्नी थी और अर्चना उनकी इकलौती संतान थी। जुड़वा भाइयों की जीवनशैली और एक जैसी शक्ल-सूरत को लेकर वे इलाके में लंबे समय से चर्चित रहे हैं।
बीए की पढ़ाई के दौरान देवेंद्र से हुआ प्यार
अर्चना बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। बरेली निवासी देवेंद्र सिंह का पलिया गूजर गांव में ननिहाल था। गांव आने-जाने के दौरान अर्चना और देवेंद्र की मुलाकात हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। परिवार की रजामंदी नहीं मिली तो दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। अर्चना के परिजनों ने देवेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद अर्चना और देवेंद्र ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट के निर्देश पर अर्चना अपने बयान दर्ज कराने दातागंज पहुंची थीं।
थाने के पास गाड़ी रोकी, बाहर खींचकर किया हमला
वारदात 28 जुलाई 2021 की है। अर्चना और देवेंद्र गाड़ी से दातागंज पहुंचे थे। आरोप था कि थाने के गेट से कुछ पहले चंद्रपाल, कुंवरपाल, रवित और पुष्पेंद्र ने उनकी गाड़ी रोक ली। दोनों को गाड़ी से बाहर खींच लिया गया। इसके बाद अर्चना पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। देवेंद्र पर भी हमला किया गया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को पकड़ लिया था। घायल अर्चना को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
थाने के पास हत्या से दहल गया था दातागंज
दिनदहाड़े थाने के पास हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को अर्चना की हत्या का दोषी माना।
करीब पांच साल बाद आया फैसला
करीब पांच साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने चंद्रपाल, कुंवरपाल, रवित कुमार और पुष्पेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। प्रेम विवाह के बाद हुई अर्चना की हत्या का यह मामला उस समय बदायूं के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा था।