बीडीए विकास संवाद’ आयोजित किया गया

FASTPAS, प्लॉट उप-विभाजन और कंपाउंडिंग मैप से जुड़ी समस्याओं पर हुआ सीधा संवाद

बरेली, 17 सितंबर। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से औद्योगिक प्रतिनिधियों और संगठनों के सदस्यों के साथ ‘बीडीए विकास संवाद’ आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय ने की। करीब 10 औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लेकर मानचित्र स्वीकृति, तकनीकी कार्यों और वैधानिक अनुमापनों से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं।

मौके पर सुनी समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

संवाद में औद्योगिक प्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सुना गया। संबंधित अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही जानकारी और समाधान उपलब्ध कराया। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उनमें नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

FASTPAS और ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति बनी चर्चा का प्रमुख मुद्दा

औद्योगिक प्रतिनिधियों ने प्लॉट्स के उप-विभाजन, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति, FASTPAS के जरिए मानचित्र पास कराने और Compounding Maps से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतें उठाईं। अधिकारियों ने संबंधित प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी देते हुए समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

JE की कमी से निरीक्षण और तकनीकी जांच में आ रही दिक्कतें

बैठक में बीडीए में पर्याप्त संख्या में जूनियर इंजीनियर (JE) उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया। प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे साइट निरीक्षण, मानचित्रों की जांच और अन्य तकनीकी कार्यों में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। प्राधिकरण की ओर से प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई और समन्वय का भरोसा दिया गया।

सड़क चौड़ाई और सेटबैक मानकों पर भी हुआ मंथन

औद्योगिक भू-उपयोग से जुड़े विकास नियंत्रणों के साथ न्यूनतम सड़क चौड़ाई और सेटबैक के मानकों पर भी चर्चा हुई। औद्योगिक भवनों, MSME, Flatted Factories और Data Centres के लिए लागू प्रावधानों की जानकारी औद्योगिक प्रतिनिधियों को दी गई।

Fire NOC से Completion Certificate तक नियमों पर जोर

औद्योगिक परियोजनाओं में Fire NOC, STP/WWTP संचालन, Aviation Safety Compliance और Completion Certificate जैसे वैधानिक अनुपालनों पर भी चर्चा हुई। परियोजनाओं के लिए जरूरी एनओसी समय पर हासिल करने और निर्माण पूरा होने के बाद Completion/Occupation Certificate प्राप्त करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया।

मॉर्गेज प्लॉट के अनुपातिक रिलीज की प्रक्रिया भी समझाई

आंतरिक विकास कार्यों की प्रगति के आधार पर Mortgaged Plots के Proportionate Release की प्रक्रिया की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। प्राधिकरण ने औद्योगिक प्रतिनिधियों को संबंधित प्रक्रिया और आवश्यक अनुपालनों से अवगत कराया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन पर भी स्पष्ट निर्देश

9 जुलाई 2026 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के संबंध में भी प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई। निर्माण परियोजनाओं में Completion/Occupation Certificate प्राप्त होने के बाद ही कब्जा हस्तांतरण और निर्माण अवधि के दौरान स्वीकृत मानचित्र को साइट पर प्रदर्शित करने की आवश्यकता बताई गई।

RERA और BDA के स्वीकृत नक्शे में सामंजस्य जरूरी

बैठक में RERA Registration और बीडीए से स्वीकृत मानचित्र के बीच सामंजस्य बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। स्वीकृत मानचित्र में किसी तरह के संशोधन की स्थिति में संबंधित RERA रिकॉर्ड को भी अद्यतन करने की आवश्यकता बताई गई।

स्वीकृति से पूर्णता तक प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर

‘बीडीए विकास संवाद’ के जरिए औद्योगिक क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को सीधे समझने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों के साथ समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। मानचित्र स्वीकृति, प्लॉट उप-विभाजन, Compounding Maps, FASTPAS, तकनीकी जांच और वैधानिक अनुमापनों की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में चर्चा हुई।

उद्योग और प्राधिकरण के बीच संवाद को मिलेगा नया आधार

बीडीए के इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र और प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विकास परियोजनाओं में स्वीकृति से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना रहा।

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