उत्तराखंड की शांत और देवभूमि कही जाने वाली पहचान पर उस समय गहरा आघात लगा, जब त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की नृशंस हत्या की खबर सामने आई। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस गंभीर मामले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के दौरान गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से इस घटना से अत्यंत दुखी हैं और एक पिता होने के नाते परिवार के दर्द को समझ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उत्तराखंड सरकार इस मामले में “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की तरह सख्त कार्रवाई करेगी।
पिता से बात कर दिया न्याय का भरोसा
सीएम धामी ने बताया कि इस हत्याकांड में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है और उसे जल्द पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित पिता से कहा कि उत्तराखंड सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है और न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा”
मुख्यमंत्री धामी ने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और मानवीय मूल्यों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा— “उत्तराखंड में कभी इस तरह का माहौल नहीं रहा। यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसी घटना हम सभी के लिए पीड़ादायक है।” उन्होंने यह भी दोहराया कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अपराधियों को उदाहरणात्मक सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
देवभूमि की छवि पर गहरा आघात
उत्तराखंड को हमेशा से शिक्षा, अध्यात्म और शांति का केंद्र माना गया है। यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी छात्र उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। एंजेल चकमा की हत्या ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की उस छवि को भी ठेस पहुंचाई है, जिसे वर्षों में बनाया गया था। सीएम धामी ने स्वीकार किया कि यह घटना उत्तराखंड के लिए भी आत्ममंथन का विषय है और सरकार इस मामले को सुधार के अवसर के रूप में देख रही है।
केंद्रीय नेतृत्व से भी हुई बातचीत
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने न केवल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से बातचीत की, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी पूरे मामले की जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग करेगी।
त्रिपुरा सरकार से समन्वय
सीएम धामी ने कहा कि वे स्वयं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री से संपर्क में रहेंगे और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी परिवार की आर्थिक, कानूनी और मानसिक सहायता के लिए हर कदम उठाएगी।न्याय की मांग और बढ़ता जन आक्रोश
इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में लोगों में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर #JusticeForAngelChakma ट्रेंड कर रहा है। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई की मांग की है। सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
जांच पर रहेगी सीधी नजर
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जांच प्रक्रिया में कोई भी ढिलाई न बरतें। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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एंजेल चकमा की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि यह समाज, व्यवस्था और इंसानियत के लिए एक कठोर चेतावनी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पीड़ित परिवार से सीधे संवाद करना और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन देना यह दर्शाता है कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
अब पूरा देश यह देख रहा है कि न्याय कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से मिलता है।