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  • ड्रग माफिया पर बड़ा एक्शन! ED के बाद SIT की रेड, करोड़ों के काले कारोबार की जांच

झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला सिर्फ स्थानीय सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक फैली हुई बताई जा रही हैं। इसी गंभीर मामले को लेकर रांची पुलिस और एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को SIT ने रांची के तुपुदाना और हरमू इलाके में एक साथ तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जांच अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई में नशीली कफ सिरप के अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अहम दस्तावेज और सबूत खंगाले जा रहे हैं।

तीन ठिकानों पर एकसाथ SIT की दबिश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, SIT की टीम ने तुपुदाना क्षेत्र में दो और हरमू इलाके में एक ठिकाने पर रेड की है। इन सभी जगहों पर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन ठिकानों से कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई से जुड़े अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई ताकि नेटवर्क से जुड़े लोग फरार न हो सकें। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हर पहलू की जांच कर रहे हैं।

मुख्य आरोपी भोला प्रसाद पहले ही गिरफ्तार

इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी भोला प्रसाद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि भोला प्रसाद नशीली कफ सिरप के इस पूरे नेटवर्क का अहम कड़ी है। उसी के इनपुट के आधार पर उसके तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इन ठिकानों से ऐसे सबूत मिल सकते हैं, जो इस नेटवर्क को पूरी तरह बेनकाब कर देंगे। सूत्रों के अनुसार, भोला प्रसाद के संपर्क कई राज्यों में फैले हुए हैं।

UP और बांग्लादेश तक जुड़ा है नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि नशीली कफ सिरप की यह सप्लाई सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि: कफ सिरप की सप्लाई उत्तर प्रदेश से होती थी वहां से इसे झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता था इसके बाद इसका एक हिस्सा बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता था यानी यह मामला अब अंतरराज्यीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है। इसी वजह से इस केस को SIT को सौंपा गया है।

ED की एंट्री के बाद और गंभीर हुआ मामला

गौरतलब है कि इस मामले में इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी रांची में दबिश दे चुका है। ED को शक है कि नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये का काला धन तैयार किया गया है। ED की जांच में यह आशंका जताई गई है कि इस अवैध कमाई को अलग-अलग चैनलों के जरिए खपाया जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी इस केस की जांच की जा रही है। ED की कार्रवाई के बाद पुलिस और SIT ने भी अपनी जांच को और तेज कर दिया है।

हर एंगल से जांच में जुटी SIT

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT इस पूरे मामले की जांच हर एंगल से कर रही है। इसमें शामिल हैं: सप्लाई चेन फर्जी फर्मों की भूमिका मेडिकल स्टोर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स अंतरराज्यीय ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पैसों के लेन-देन का हिसाब पिछले कुछ समय में नशीली कफ सिरप के मामलों में तेजी आई है, जिसे देखते हुए पुलिस कोई भी ढील नहीं देना चाहती।

आने वाले दिनों में हो सकते हैं और खुलासे

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों की पहचान हो चुकी है। आने वाले दिनों में: और गिरफ्तारियां हो सकती हैं बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद हो सकता है नेटवर्क से जुड़े बड़े नाम सामने आ सकते हैं जांच पूरी होने के बाद SIT इस पूरे मामले को लेकर बड़ा खुलासा कर सकती है।

नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख

रांची पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

रांची में नशीली कफ सिरप के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि अब पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के मूड में हैं। UP से बांग्लादेश तक फैले इस अवैध कारोबार पर SIT और ED की संयुक्त कार्रवाई आने वाले समय में कई बड़े खुलासे कर सकती है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस जांच पर टिकी हुई है।

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