बरेली। सीबीगंज क्षेत्र के नदौसी स्थित कान्हा उपवन गोशाला में 15 गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार रात गोसेवकों ने नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली में तिरपाल से ढककर मृत गोवंश ले जाते हुए पकड़ लिया। इसके बाद रातभर हंगामा चलता रहा। गोशाला में बदइंतजामी, पशु क्रूरता और देखरेख में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुपरवाइजर समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्दोष राठौर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, 29 अगस्त को कान्हा उपवन गोशाला से सात मृत गोवंश बाहर ले जाए जा रहे थे। आरोप है कि पशुओं की हालत बेहद दयनीय थी और उनके शव कीचड़ से सने हुए थे। इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद पंकज पाठक के नेतृत्व में गोसेवकों ने अधिकारियों की मौजूदगी में गोशाला का जायजा लिया। आरोप है कि परिसर में कीचड़ और गंदगी थी। कई गोवंश घायल और कमजोर हालत में मिले, जबकि भूसा भी खराब और सड़ा हुआ पाया गया। गोसेवकों ने पशुओं के लिए पर्याप्त स्वच्छ चारा और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया। अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
दो दिन बाद फिर मिले आठ मृत गोवंश, नदौसी में रोक ली ट्रॉली
मामला शांत भी नहीं हुआ था कि 31 अगस्त की रात करीब आठ बजे नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब आठ मृत गोवंश ले जाए जाने की सूचना मिल गई। गोसेवकों ने नदौसी के पास ट्रॉली रोक ली। तिरपाल हटाए जाने पर उसमें मृत गोवंश मिलने के बाद हंगामा शुरू हो गया। गोसेवकों का आरोप है कि बीमारी से जूझ रहे और कमजोर पशुओं की समुचित देखभाल नहीं की गई। गोशाला में सफाई, स्वच्छ चारा और पीने योग्य पानी की व्यवस्था में लापरवाही बरती गई, जिससे पशुओं की जान गई। हालांकि गोवंशों की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सुपरवाइजर समेत चार पर मुकदमा, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
शिकायत में गोशाला के सुपरवाइजर विजय उर्फ बनवारी, भूसा सप्लायर रचित अग्रवाल (आरके इंटरप्राइजेज), विशाल मल्होत्रा समेत देखरेख से जुड़े जिम्मेदारों पर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने मृत गोवंशों के फोटो-वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी गवाह होने की बात भी कही है। सीओ द्वितीय नितिन कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।