bareillyगेट पर हंगामा करते लोग।

बरेली। सीबीगंज स्थित सरकारी कान्हा उपवन में गौवंशीय पशुओं की मौत को लेकर शनिवार को जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया। गौशाला में बदइंतजामी और देखरेख में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने कान्हा उपवन के बाहर मोर्चा खोल दिया और जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। मामला गरमाता देख पुलिस बल तैनात करना पड़ा। बाद में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा भी मौके पर पहुंचे।

मामला सीबीगंज थाना क्षेत्र में संचालित सरकारी कान्हा उपवन का है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि यहां गौवंश के रखरखाव, उपचार और देखभाल में घोर लापरवाही बरती जा रही है। इसी अव्यवस्था के चलते लगातार गौवंश की मौत हो रही है। शनिवार को मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कान्हा उपवन पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने गौशाला के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात ऐसे बने कि गौशाला से जुड़े कर्मचारियों को भी प्रदर्शनकारियों ने बाहर रोक दिया। संगठन के पदाधिकारी जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

मृत गौवंश को मछली पालन के तालाब में डालते हैं

प्रदर्शन के दौरान गौशाला के एक कर्मचारी को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाया गया। संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि मृत गौवंश को नियमानुसार निस्तारित करने के बजाय कान्हा उपवन परिसर में बने मछली पालन के तालाब में डाल दिया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मृत पशुओं को मछलियों के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच अभी आवश्यक है। आरोप सामने आते ही मामला और गरमा गया। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि आरोप सही हैं तो सरकारी गौशाला के भीतर इतनी गंभीर लापरवाही आखिर किसकी शह पर चल रही थी और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में यह मामला अब तक सामने क्यों नहीं आया।

नगर आयुक्त-सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हंगामे और बढ़ती भीड़ की सूचना मिलते ही पुलिस बल कान्हा उपवन पहुंच गया। इसके बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने प्रदर्शनकारियों ने गौवंश की मौत, गौशाला की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें रखीं। काफी देर तक मौके पर हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बरेली की गौशालाओं में अव्यवस्था और गौवंश की मौत को लेकर पहले भी विरोध के मामले सामने आते रहे हैं। अब कान्हा उपवन में लगे गंभीर आरोपों ने एक बार फिर गौवंश संरक्षण और सरकारी गौशालाओं की निगरानी व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

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