बरेली। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में लगातार तेजी ने आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है। कई स्थानों पर फुटकर बाजार में चीनी के दाम 60 रुपये के पार पहुंच चुके हैं और कुछ जगहों पर भाव करीब 70 रुपये किलो तक बताए जा रहे हैं। बढ़ती कीमतों और संभावित आपूर्ति दबाव को देखते हुए इस बार गन्ना विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बरेली मंडल की चीनी मिलों को सामान्य समय से करीब 15 दिन पहले यानी 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई चीनी जल्दी बाजार में पहुंच सके और कीमतों पर दबाव कम हो।

हर साल नवंबर में पेराई, इस बार अक्टूबर से शुरुआत

गन्ना एवं चीनी आयुक्त मिनिस्ती एस. ने चीनी मिलों को निर्धारित समय से पहले संचालन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। सामान्य तौर पर बरेली मंडल की चीनी मिलों में पेराई सत्र एक नवंबर के आसपास शुरू होता है, लेकिन इस बार हालात को देखते हुए 15 अक्टूबर से ही मिलें चलाने की तैयारी है। उपायुक्त गन्ना राजेश मिश्र के अनुसार मंडल की सभी 16 चीनी मिलों को मशीनों की ओवरहालिंग, तकनीकी परीक्षण और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं तय समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि जल्दी पेराई शुरू होने से बाजार में नई चीनी की उपलब्धता भी पहले शुरू हो जाएगी।

बरेली से पीलीभीत तक 16 मिलों पर फोकस

निर्देशों के दायरे में बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं की चीनी मिलें शामिल हैं। बरेली की फरीदपुर, बहेड़ी की दो मिलें, मीरगंज और सेमीखेड़ा के साथ शाहजहांपुर की तिलहर, पुवायां, रोजा और मकसूदापुर समेत अन्य मिलों को तैयारियां तेज करने को कहा गया है। पीलीभीत की बीसलपुर, पूरनपुर, मझोला और एलएच शुगर तथा बदायूं की शेखूपुर और बिसौली मिलों में भी समय से पहले पेराई सुनिश्चित करने की योजना है।

चीनी महंगी हुई तो कोल्हू वालों ने भी कसी कमर

बाजार में चीनी के बढ़ते भाव का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। इस बार कोल्हू संचालक भी सामान्य समय से पहले तैयारी में जुट गए हैं। गन्ना उपलब्ध होते ही कई स्थानों पर कोल्हू चलने शुरू होने की उम्मीद है। कोल्हुओं में गन्ने से गुड़ और राब का उत्पादन शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक मिठास की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे ग्रामीण और कस्बाई बाजारों में चीनी पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है और मांग के दबाव को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

त्योहारी मांग से पहले बाजार संभालने की कवायद

आने वाले त्योहारों में मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और घरेलू उपयोग के कारण चीनी की मांग तेजी से बढ़ती है। इसी कारण प्रशासन भी स्टॉक और कीमतों पर नजर बनाए हुए है। पूर्व में गठित टीमों ने श्यामगंज समेत कई इलाकों में चीनी के गोदामों की जांच कर स्टॉक और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड खंगाला है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार बाजार में उपलब्धता पर लगातार निगरानी की जा रही है। जमाखोरी या कालाबाजारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें भी त्योहारों को देखते हुए मिठाई की दुकानों, डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा रही हैं।

किसानों को भी मिलेगा जल्दी पेराई का फायदा

चीनी मिलों के समय से पहले चालू होने का फायदा केवल बाजार को ही नहीं, बल्कि गन्ना किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। जल्दी गन्ना आपूर्ति होने से खेत समय से खाली होंगे और किसान गेहूं समेत अगली फसल की बुआई समय पर कर सकेंगे। गन्ना विभाग का मानना है कि जल्दी पेराई, नई चीनी की अग्रिम उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर गुड़ उत्पादन—इन तीनों मोर्चों पर तेजी से काम हुआ तो त्योहारी सीजन में चीनी के दामों पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा।

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