बरेली। बीडीए ने मंगलवार को भूखंडों की नीलामी से करीब 35 करोड़ रुपये की आय प्राप्त की। इसके साथ ही प्राधिकरण ने जिले में 126.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना भी घोषित की है। बीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि इससे जिले में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि नीलामी शिविर में रामगंगा नगर आवासीय योजना और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के विभिन्न श्रेणी एवं क्षेत्रफल के रिक्त आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन किया गया। नीलामी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में निवेशकों और आवंटियों ने हिस्सा लिया। प्रतिस्पर्धी बोली के बीच भूखंडों के आवंटन से प्राधिकरण को लगभग 35 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। इससे न केवल बीडीए की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि भविष्य की विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
औद्योगिक टाउनशिप का खाका तैयार, भूमि होगी अधिग्रहीत
भूखंड नीलामी के साथ ही बीडीए ने जिले में आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना का भी खुलासा किया। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत तैयार की जा रही इस परियोजना के लिए तहसील बरेली के ग्राम रसूला चौधरी तथा तहसील मीरगंज के ग्राम भिटौरा नौगंवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली और रहपुरा जागीर में कुल 126.3043 हेक्टेयर भूमि भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा निवेश
बीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का नया केंद्र बनेगी। बड़े उद्योगों के आगमन से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। साथ ही बाहरी निवेशकों के आने से जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।
सड़क, बिजली और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगी तस्वीर
टाउनशिप के विकास के साथ आधुनिक सड़क नेटवर्क, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, सीवरेज और जल निकासी प्रणाली समेत सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और बरेली पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकेगा। नीलामी शिविर के दौरान बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय, सचिव वंदिता श्रीवास्तव, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी शिवधनी सिंह यादव, संयुक्त सचिव दीपक कुमार, विशेष कार्याधिकारी नीलम श्रीवास्तव तथा अजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।