लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जनपद गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT), उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू प्रदेश में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमशीलता को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
इस एमओयू के तहत NAEC द्वारा पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों से जुड़े एक लाख अभ्यर्थियों को आगामी पांच वर्षों में 28 सेक्टरों में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 70,000 प्रशिक्षार्थियों को औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि कुल प्रशिक्षार्थियों में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर बनेगा स्किल ट्रेनिंग का केंद्र
NAEC देश का प्रमुख रेडीमेड गारमेंट एक्सपोर्ट क्लस्टर है और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण इसकी सबसे बड़ी विशेषता होगी। प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया NAEC द्वारा अपने डिजिटल पोर्टल “कौशल गंगा” के माध्यम से प्रबंधित की जाएगी। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल भी प्रशिक्षार्थियों को आजीविका और बाजार से जोड़ने में सहायक होंगे।
SCVT करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन
इस सहभागिता में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT), उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी।
SCVT, जो भारत सरकार की राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) की मान्यता प्राप्त अवार्डिंग बॉडी (Dual) है, सभी प्रशिक्षार्थियों के मूल्यांकन और प्रमाणन का कार्य करेगी। प्रत्येक प्रशिक्षार्थी के लिए ₹1200 प्रति प्रमाणन शुल्क NAEC द्वारा SCVT को दिया जाएगा। साथ ही SCVT अपने स्तर से भी पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें NCVET से अनुमोदित कराएगी।
स्किल से सेल्फ रिलायंस
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा हुनरमंद बने और उसे रोजगार के लिए भटकना न पड़े। NAEC और SCVT के बीच हुआ यह एमओयू उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश देश का स्किल हब बनकर उभरेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम तथा विशेष सचिव एवं निदेशक SCVT अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए मील का पत्थर बताया।