डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए बरेली पुलिस ने तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। जिले का पहला ई-मालखाना मीरगंज थाने में स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन मंगलवार को एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और थाना स्टाफ में खासा उत्साह देखने को मिला।
Bareilly: ई-मालखाना की स्थापना को पुलिसिंग सिस्टम में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता लाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। अब तक पुलिस द्वारा जब्त किए गए माल और साक्ष्यों को पारंपरिक मालखानों में रखा जाता था, जहां रिकॉर्ड संभालना और वर्षों पुराने मामलों की जानकारी निकालना एक चुनौती बना रहता था। ई-मालखाना इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर पूरी तरह बदल देगा।
क्या है ई-मालखाना?
ई-मालखाना एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल डाटाबेस सिस्टम है, जिसमें पुलिस द्वारा जब्त की गई वस्तुओं, हथियारों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का पूरा विवरण ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। हर साक्ष्य को एक यूनिक क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा, जिससे उसकी पहचान, स्थिति और केस से जुड़ी जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी।
उद्घाटन के दौरान एसपी अंशिका वर्मा का संदेश
उद्घाटन समारोह के दौरान एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने कहा कि ई-मालखाना पारंपरिक प्रणाली को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली साक्ष्यों के वैज्ञानिक, सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण को सुनिश्चित करेगी। इससे न केवल पुलिस कर्मियों का कार्य आसान होगा, बल्कि कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी तेज और भरोसेमंद बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल मालखाना पुलिस की जवाबदेही को बढ़ाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम करेगा।
कोर्ट केसों के निस्तारण में मिलेगा बड़ा फायदा
ई-मालखाना का सबसे बड़ा लाभ न्यायिक प्रक्रिया में देखने को मिलेगा। कई बार केस केवल इसलिए लंबित रह जाते हैं क्योंकि साक्ष्य समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते या उनकी पहचान में देरी होती है। अब डिजिटल रिकॉर्ड और क्यूआर कोड सिस्टम के जरिए साक्ष्यों को तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। इससे अदालतों में केसों की सुनवाई तेज होगी और न्याय मिलने की प्रक्रिया भी सरल बनेगी। वर्षों पुराने मामलों के रिकॉर्ड निकालने में लगने वाला समय अब मिनटों में सिमट जाएगा।
पारदर्शिता और भरोसे की नई मिसाल
ई-मालखाना पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे को और मजबूत करेगा। डिजिटल एंट्री, लॉग और रिकॉर्ड के चलते हर गतिविधि ट्रैक की जा सकेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जब्त किया गया माल सुरक्षित है और उसका दुरुपयोग नहीं हो सकता।
बरेली पुलिस की हाईटेक छवि
बरेली पुलिस पहले से ही सीसीटीएनएस, ऑनलाइन एफआईआर और डिजिटल शिकायत प्रणाली जैसे कदम उठा चुकी है। ई-मालखाना इस कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जिले को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में आगे ले जाएगा।
मीरगंज थाना बना मॉडल
मीरगंज थाना अब पूरे जिले के लिए एक मॉडल थाना बनकर उभरेगा। भविष्य में अन्य थानों में भी इसी तरह के ई-मालखाने स्थापित किए जाने की योजना है।
कार्यक्रम में रहे ये अधिकारी मौजूद
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी मीरगंज अजय कुमार, इंस्पेक्टर संजय तोमर सहित थाने का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। सभी अधिकारियों ने इस पहल को पुलिसिंग के भविष्य के लिए बेहद अहम बताया।
भविष्य की ओर एक मजबूत कदम
ई-मालखाना केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में विश्वास, पारदर्शिता और दक्षता का नया अध्याय है। आने वाले समय में जब पूरे जिले में यह प्रणाली लागू होगी, तो बरेली पुलिस उत्तर प्रदेश में डिजिटल पुलिसिंग की मिसाल बन सकती है।