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तीन थाने, तीन पीड़ित और एक ही तरीका—साइबर ठगी। बरेली जिले में साइबर अपराधियों ने फर्जी बैंककर्मी, यूपीआई फ्रॉड और मोबाइल हैकिंग के जरिए रिटायर्ड बैंक कर्मचारी समेत तीन लोगों के खातों से कुल 6.77 लाख रुपये उड़ा लिए। एक क्लिक, एक कॉल और कुछ ही मिनटों में सालों की मेहनत की कमाई गायब हो गई। पीड़ितों की शिकायत पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

बरेली। साइबर अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। जिले में एक बार फिर ठगों ने तकनीक को हथियार बनाकर लोगों की जेब पर डाका डाल दिया। इस बार निशाने पर रिटायर्ड बैंक कर्मचारी, नौकरीपेशा युवक और आम नागरिक रहे। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को फंसाकर कुल 6.77 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग था, लेकिन मकसद एक—खाते खाली करना। कहीं फर्जी बैंक ऐप अपडेट के नाम पर मोबाइल हैक किया गया, कहीं यूपीआई को हथियार बनाया गया, तो कहीं एक अज्ञात कॉल ने पूरा मोबाइल ही ठगों के कब्जे में दे दिया।

मामला 1: फर्जी बैंककर्मी बनकर रिटायर्ड कर्मचारी को बनाया शिकार

पहली घटना थाना बारादरी क्षेत्र की है। यहां रहने वाले एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को यूनियन बैंक का कर्मचारी बताया। बातचीत इतनी पेशेवर और भरोसेमंद थी कि रिटायर्ड कर्मचारी को किसी तरह का शक नहीं हुआ। ठग ने कहा कि बैंक का नया सिक्योरिटी अपडेट आया है और अगर ऐप अपडेट नहीं किया गया तो खाता बंद हो सकता है। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजा गया और ऐप इंस्टॉल करने को कहा गया। जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुआ, मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया। अगले ही दिन खाते से 78,744 रुपये गायब हो गए। जब पीड़ित ने बैंक जाकर जानकारी ली तो ठगी का खुलासा हुआ। पीड़ित की तहरीर पर थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामला 2: यूपीआई फ्रॉड ने उड़ाए करीब एक लाख रुपये

दूसरी घटना थाना इज्जतनगर क्षेत्र के अशोक विहार की है। यहां रहने वाले विकास सारस्वत के बैंक खाते से अचानक 99,999.51 रुपये कट गए। पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने किसी को भी न तो ओटीपी बताया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया। इसके बावजूद यूपीआई के जरिए रकम निकल गई। मोबाइल पर मैसेज आते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और इसके बाद इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 मामला 3: एक कॉल और 4.98 लाख का नुकसान

तीसरी और सबसे बड़ी वारदात थाना प्रेमनगर क्षेत्र की है। द्वारिकापुरम निवासी अरविंद कुमार मिश्रा के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आई। कॉल के कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल असामान्य रूप से काम करने लगा। कुछ ही मिनटों में मोबाइल पूरी तरह ठगों के कंट्रोल में चला गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों से 4,98,686 रुपये निकाल लिए गए। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाते, तब तक खाते खाली हो चुके थे। पीड़ित की शिकायत पर प्रेमनगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस की चेतावनी: एक क्लिक बन सकता है लाखों का नुकसान

  • पुलिस अधिकारियों का कहना है कि
  • बैंक कभी फोन पर ऐप डाउनलोड नहीं कराता
  • ओटीपी, लिंक और स्क्रीन शेयर करना बेहद खतरनाक है
  • अनजान कॉल और मैसेज साइबर ठगी की पहली सीढ़ी हैं

पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। अगर खाते से संदिग्ध लेनदेन हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में सूचना दें।

सावधानी ही बचाव है

साइबर अपराधी अब तकनीक के साथ-साथ इंसानी भरोसे को भी निशाना बना रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही सालों की कमाई छीन सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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