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पटना से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने दोस्ती और भरोसे की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं। यहां एक युवक ने अपने करीबी दोस्त को इंश्योरेंस का नॉमिनी बनाकर ऐसी गलती कर दी, जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पहले इसे सड़क हादसा बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह एक्सीडेंट नहीं, बल्कि इंश्योरेंस की मोटी रकम हड़पने के लिए रची गई एक सोची-समझी हत्या थी।

बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने दोस्ती, भरोसे और रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दानापुर इलाके में एक युवक ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उसके इंश्योरेंस का नॉमिनी था और मोटी रकम हड़पना चाहता था। यह मामला शुरुआत में एक सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने पूरे मामले की परत-दर-परत सच्चाई उजागर कर दी।

सड़क हादसा समझी गई मौत निकली साजिश

31 दिसंबर को पटना सिटी निवासी अमित कुमार साहा का शव दानापुर के आईआईटी आमहरा थाना क्षेत्र में शिकरिया रोड के किनारे मिला। शव उसकी ही मोटरसाइकिल के नीचे दबा हुआ था। देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी सड़क दुर्घटना में अमित की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में मिले चौंकाने वाले सुराग

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जो इस मामले को संदिग्ध बना रहे थे। शव पर चोट के निशान एक्सीडेंट से मेल नहीं खा रहे थे। गहराई से जांच करने पर पता चला कि अमित की पहले ईंट से कुचलकर हत्या की गई थी और बाद में उसके शव को मोटरसाइकिल के नीचे दबाकर सड़क किनारे रखा गया था, ताकि यह मामला दुर्घटना लगे।

नॉमिनी बना दोस्त ही निकला कातिल

जांच आगे बढ़ी तो शक अमित के करीबी दोस्त सतीश कुमार पर गया, जो दानापुर के दाउतपुर (मनेर) का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि अमित ने अपनी मोटरसाइकिल का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कराया था, जिसमें सतीश कुमार को नॉमिनी बनाया गया था। बीमा की मोटी रकम पाने के लालच में सतीश ने अपने दोस्त की हत्या की साजिश रची। इस साजिश में आईआईटी थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला दुर्गा देवी भी शामिल थी।

कॉल डिटेल और लेन-देन ने खोली पोल

पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और घटनाक्रम के समय की लोकेशन के आधार पर साक्ष्य जुटाए। इन सबूतों ने आरोपियों की कहानी को झूठा साबित कर दिया। कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद शव को मोटरसाइकिल के नीचे दबाकर एक्सीडेंट की झूठी कहानी रची गई थी।

पुलिस का बयान

पश्चिमी पटना के एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से इंश्योरेंस की रकम हड़पने के इरादे से की गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसपी ने यह भी कहा कि मामले में यह जांच की जा रही है कि इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था।

दोस्ती और भरोसे पर सवाल

यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जिस दोस्त पर आंख मूंदकर भरोसा किया गया, वही जान का दुश्मन बन गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इंश्योरेंस पॉलिसी में नॉमिनी बनाते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। बिना सोच-समझे किसी को नॉमिनी बनाना घातक साबित हो सकता है।

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