बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में उधार के रुपये मांगने पर दबंगों ने दलित युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर उसका सिर मुंडवा दिया गया, मूंछ और भौंह काटकर चेहरे पर कीचड़ पोत दी गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां उधार दिए गए रुपये वापस मांगना एक दलित युवक को इतना भारी पड़ गया कि दबंगों ने उसकी सरेआम बेरहमी से पिटाई की, सिर जबरन मुंडवा दिया, मूंछ और भौंह के बाल काट दिए और चेहरे पर कीचड़ पोतकर गांव में घुमाया। इस घटना से न सिर्फ पीड़ित बल्कि पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित की पहचान पप्पू दिवाकर के रूप में हुई है, जो बहेड़ी तहसील के गरसौली गांव का रहने वाला है। पप्पू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह नवाबगंज क्षेत्र के गेलटांडा गांव में चंद्रसेन के यहां रहकर मजदूरी करता था। इसी दौरान चंद्रसेन ने उससे ट्रैक्टर खरीदने के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे। काफी समय बीत जाने के बावजूद जब रकम वापस नहीं की गई, तो पप्पू ने अपने पैसे लौटाने की मांग की।
आरोप है कि यही बात दबंगों को नागवार गुजरी। चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू और गोधनलाल ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर युवक को घेर लिया। पहले उसके साथ जमकर मारपीट की गई और फिर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे अपमानित किया गया। यह सब कुछ गांव के लोगों के सामने किया गया, ताकि पीड़ित को मानसिक रूप से भी तोड़ा जा सके। दबंगों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि पीड़ित का जबरन सिर मुंडवा दिया गया। कैंची से उसकी मूंछ और भौंह के बाल काट दिए गए, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। इसके बाद उसके चेहरे पर कीचड़ पोत दी गई। इस पूरी घटना को देखकर गांव में मौजूद लोग सहम गए, लेकिन दबंगों के डर से कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं कर सका।
घटना के बाद पीड़ित गहरे सदमे में आ गया। किसी तरह हिम्मत जुटाकर वह शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी आपबीती बताई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू और गोधनलाल के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही चार-पांच अज्ञात लोगों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। नवाबगंज थाना के एसएसआई राजेश कुमार ने बताया कि मामला अनुसूचित जाति उत्पीड़न से जुड़ा है और इसमें कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
हालांकि, इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि पीड़ित तंत्र विद्या करने की बात कहता था और कुछ ग्रामीणों को घर में खजाना दबा होने का झांसा देता था। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की चर्चाएं जांच को प्रभावित नहीं करेंगी। कानून व्यवस्था के तहत केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और दबंगई की मानसिकता को उजागर करती है। उधार दिए गए पैसे मांगना किसी का अपराध नहीं है, लेकिन इसके जवाब में जिस तरह से एक युवक की अस्मिता को कुचला गया, वह कानून व्यवस्था और सामाजिक सोच दोनों पर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।