उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार सुबह घने कोहरे ने दिल्ली–लखनऊ नेशनल हाईवे पर ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही मिनटों में सड़क पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। फरीदपुर क्षेत्र में शुगर मिल के पास एक के बाद एक करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण सड़क हादसे में लगभग 24 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। दुर्घटना के बाद हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब आठ बजे दिल्ली–लखनऊ हाईवे पर घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालकों को आगे की सड़क तक नजर नहीं आ रही थी। इसी दौरान शुगर मिल के पास पहले एक रोडवेज बस सामने चल रहे ट्रक से टकरा गई। इसके बाद पीछे से आ रहे वाहन एक-एक कर उसी स्थान पर भिड़ते चले गए। कुछ ही पलों में यह हादसा बड़े हादसे में तब्दील हो गया। इस दुर्घटना में तीन रोडवेज बसें, कई ट्रक, डीसीएम और कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए। एक डीसीएम अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पेड़ों से जा टकराई। सड़क पर हर तरफ टूटे शीशे, मुड़े हुए वाहन और घायल यात्रियों की चीखें गूंजने लगीं।
सबसे ज्यादा नुकसान गोरखपुर से मेरठ जा रही रोडवेज बस को हुआ। इस बस के चालक अतर सिंह, निवासी ग्राम बहादुरपुर हुसैनपुर (मुजफ्फरनगर), हादसे में बस के अंदर ही फंस गए। टक्कर के बाद बस का अगला हिस्सा बुरी तरह दब गया, जिससे चालक को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल भिजवाया। हादसे में कई आम यात्री भी घायल हुए। बरेली डिपो की एक रोडवेज बस में सवार बलराम अपनी पत्नी यशोधरा और बच्चों लव (6) और माही (10) के साथ कटरा से दिल्ली जा रहे थे। टक्कर के दौरान बच्ची माही को चोटें आईं, जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा कई अन्य यात्रियों को भी सिर, हाथ और पैरों में चोटें लगीं।
दुर्घटना के बाद दिल्ली–लखनऊ हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं। सूचना मिलते ही फरीदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई। पुलिस ने तुरंत क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाना शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात को धीरे-धीरे सुचारू किया जा सका। फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि इस हादसे में कई लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज अस्पताल में जारी है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और कम दृश्यता सामने आई है। कोहरे के कारण वाहन चालकों को आगे चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं हो पाया, जिससे यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान हाईवे पर कम गति से वाहन चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यह हादसा एक बार फिर सर्दियों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल कोहरे के मौसम में दिल्ली–लखनऊ जैसे व्यस्त हाईवे पर ऐसे हादसे सामने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते नजर आते हैं। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि कोहरे के दौरान यातायात व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह हादसा उन तमाम वाहन चालकों के लिए चेतावनी है जो कोहरे में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं। थोड़ी-सी लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। बरेली में दिल्ली–लखनऊ नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के कारण बड़ा सड़क हादसा हो गया। फरीदपुर क्षेत्र में शुगर मिल के पास बस-ट्रक समेत करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें लगभग 24 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया।