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अब हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। हाल के वर्षों में 30 से 40 साल की उम्र के फिट और स्वस्थ दिखने वाले युवा भी अचानक दिल के दौरे का शिकार हो रहे हैं। बिना किसी चेतावनी के होने वाली ये घटनाएं लोगों को डराने लगी हैं। डॉक्टरों और नई मेडिकल स्टडीज के मुताबिक, इसके पीछे लाइफस्टाइल से जुड़े ऐसे साइलेंट कारण हैं, जो धीरे-धीरे दिल को कमजोर बना रहे हैं।

एक समय था जब दिल की बीमारियों को उम्र से जोड़ा जाता था। माना जाता था कि हार्ट अटैक बुजुर्गों को ही होता है, लेकिन बदलती जीवनशैली ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आज के समय में 30 से 40 साल के युवा, जो देखने में पूरी तरह फिट और हट्टे-कट्टे नजर आते हैं, अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। यह न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि बेहद चिंताजनक भी।

मेडिकल स्टडी ने बढ़ाई चिंता

साल 2025 में इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित AIIMS-ICMR की एक अहम स्टडी के मुताबिक, भारत में 18 से 45 साल की उम्र के युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के पीछे बड़ी वजह अनजानी दिल की बीमारियां हैं। इस स्टडी में सामने आया कि ऐसे 42.6% मामलों में मौत की वजह सीधे तौर पर हार्ट से जुड़ी समस्याएं थीं। यह आंकड़ा इस बात की चेतावनी है कि सिर्फ बाहरी फिटनेस को देखकर दिल की सेहत का अंदाजा लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है।

डॉक्टर ने क्या बताया?

मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डॉ. रोहित गोयल (प्रिंसिपल कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी) के अनुसार,
“स्वस्थ दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि दिल भी पूरी तरह स्वस्थ है। कई युवाओं में हार्ट अटैक के जोखिम कारकों की पहचान ही नहीं हो पाती।” उन्होंने बताया कि युवाओं में सबसे बड़ा खतरा एथेरोस्क्लेरोटिक कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (ASCVD) है। इसमें दिल की धमनियों में धीरे-धीरे कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होने लगता है। शुरुआती दौर में इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते। जब तक धमनी में रुकावट 50% से कम होती है, तब तक व्यक्ति खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है। 70% ब्लॉकेज पर हल्का दर्द सिर्फ शारीरिक मेहनत के दौरान होता है और आराम करते ही ठीक हो जाता है। यही वजह है कि युवा बिना किसी चेतावनी के अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं।

हार्ट अटैक के साइलेंट कारण

डॉक्टरों के अनुसार, आज की लाइफस्टाइल युवाओं के दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है।
हार्ट अटैक के साइलेंट कारणों में शामिल हैं:

  • धूम्रपान और ई-सिगरेट
  • कोकीन, मारिजुआना जैसे नशीले पदार्थ
  • ज्यादा शराब का सेवन
  • जंक फूड और अनहेल्दी डाइट
  • मोटापा
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी
  • अत्यधिक तनाव
  • नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या

इसके अलावा कुछ दवाएं भी अचानक हार्ट की धड़कन बिगाड़ सकती हैं और अरिदमिया या ऐंठन को ट्रिगर कर सकती हैं।

युवाओं में नजरअंदाज किए जाने वाले लक्षण

युवाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर हल्के और भ्रमित करने वाले होते हैं। यही वजह है कि लोग इन्हें गैस, एसिडिटी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

  • आम लक्षणों में शामिल हैं:
  • सांस लेने में तकलीफ
  • ज्यादा पसीना आना
  • चक्कर आना
  • बेचैनी
  • मतली
  • सीने में हल्की चुभन या दबाव

डॉक्टरों का कहना है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

हार्ट अटैक के मुख्य कारण

कुछ बीमारियां और आदतें युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ा रही हैं, जैसे:

  • डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • मोटापा
  • परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री
  • स्मोकिंग और नशा
  • शारीरिक निष्क्रियता
  • ज्यादा तनाव और खराब नींद

हार्ट अटैक से कैसे बचें?

डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव करके हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण पहचानें

  • नियमित रूप से BP, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं
  • जरूरत पड़ने पर ECG, इकोकार्डियोग्राफी, TMT टेस्ट कराएं
  • CT कोरोनरी कैल्शियम स्कोरिंग और एंजियोग्राफी कराई जा सकती है
  • रोजाना एक्सरसाइज करें
  • हेल्दी डाइट अपनाएं
  • पर्याप्त नींद लें
  • तनाव कम करें
  • तंबाकू और नशीली चीजों से दूरी बनाएं

नियमित हेल्थ चेकअप ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे मजबूत हथियार है।

Disclaimer:

(इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। infocrucks news किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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