बरेली में रविवार को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) पद की मुख्य परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न हुई। जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 10,152 से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया। नकल और गड़बड़ी रोकने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन से लेकर केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई, जिससे परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से आयोजित हो सकी।
बरेली। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) पद की मुख्य परीक्षा रविवार को जिले भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। यह परीक्षा जिले के कुल 22 केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित की गई, जो सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चली। इस दौरान कुल 10,152 पंजीकृत अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर नजर आया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बनाए गए सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पुलिस बल, सेक्टर मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को तैनात किया गया था। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी रखी गई।
बरेली कॉलेज में रहा सबसे अधिक दबाव
परीक्षा के दौरान सबसे अधिक भीड़ और दबाव बरेली कॉलेज परिसर में देखने को मिला, जहां कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यहां सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। समय से पहले पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया गया, जिससे अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अलावा बरेली इंटर कॉलेज, सीबीगंज इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज (ब्लॉक ए और बी), जीजीआईसी, जीआईसी और इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
शहर के नामी स्कूल-कॉलेज बने परीक्षा केंद्र
शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूल और कॉलेजों में भी परीक्षा कराई गई। इनमें केपीआरसी कला केंद्र, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, एमबी इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, एसवी इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज, श्री गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज, पीसी आजाद इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और विष्णु इंटर कॉलेज शामिल रहे। इन सभी केंद्रों पर परीक्षा आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया। केंद्रों के बाहर भी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बायोमीट्रिक जांच से रोकी गई नकल
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन किया गया। इसके अलावा फोटो पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेजों की भी सघन जांच की गई। परीक्षा कक्षों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। अधिकारियों के अनुसार, इन सख्त व्यवस्थाओं के चलते परीक्षा के दौरान कहीं से भी नकल या गड़बड़ी की कोई शिकायत सामने नहीं आई।
प्रशासन ने ली राहत की सांस
परीक्षा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन और आयोग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण रही। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) पद की यह परीक्षा हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में परीक्षा का सफल आयोजन प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे बरेली प्रशासन ने पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ निभाया।